पैरों से बेड़ियाँ तोडके,
जो हौसलों की उड़ान भरते,
तो तुम जीना सीख जाते|
जिंदगी के कोरे पन्नों में,
जो रंगों की स्याही भरते,
तो तुम जीना सीख जाते|
माना कि राहें कठिन हैं,
रिश्तों कि मजबूत डोर में,
हिल पाना कठिन है|
कामयाबी के खाते को छोड़,
जो खुद के ख्यालों का हिसाब करते,
तो तुम जीना सीख जाते|
-हेमन्त खत्री
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